Delhi Pollution: दिवाली से पहले दिल्ली की हवा हुई जहरीली, AQI 483 के साथ गंभीर श्रेणी में पहुंचा प्रदूषण
Delhi Pollution: दिवाली से पहले ही दिल्ली की हवा बेहद प्रदूषित हो गई है। रविवार सुबह राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 483 दर्ज किया गया, जो 'गंभीर' श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर दिल्ली के कई इलाकों में AQI 400 से ऊपर दर्ज किया गया।
हवा की गुणवत्ता में यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शुक्रवार को ही दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया था। दिवाली से दो दिन पहले प्रदूषण के और बढ़ने की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया था।
कई इलाकों में AQI 440 के पार
CPCB के आंकड़ों के मुताबिक, बवाना में AQI 446, पंजाबी बाग में 449 और आरके पुरम में 448 दर्ज किया गया। इसी तरह IIT दिल्ली और रोहिणी में यह आंकड़ा 445-445 रहा। चांदनी चौक में 420, पटपड़गंज में 421 और अलीपुर में 413 AQI दर्ज किया गया। ये सभी इलाके 'गंभीर' श्रेणी में रहे।
वहीं, आनंद विहार में AQI 328 और नरेला में 395 दर्ज किया गया। ये दोनों इलाके 'बेहद खराब' श्रेणी में रहे। इंडिया गेट के आसपास AQI 398 दर्ज किया गया, जबकि अक्षरधाम मंदिर के पास यह आंकड़ा 336 रहा। इन दोनों स्थानों पर भी हवा की गुणवत्ता 'बेहद खराब' श्रेणी में थी।
एक दिन में प्रदूषण के स्तर में बड़ा उछाल
सर्दी की शुरुआत के साथ ही रविवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में धुंध की मोटी परत छाई रही। कम दृश्यता और खराब हवा ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। शनिवार सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत AQI 364 था, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है। इसके मुकाबले रविवार सुबह यह बढ़कर 483 पहुंच गया।
CPCB के वर्गीकरण के अनुसार, 0 से 50 तक AQI 'अच्छा', 51 से 100 'संतोषजनक', 101 से 200 'मध्यम', 201 से 300 'खराब', 301 से 400 'बेहद खराब' और 401 से 500 तक 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है।
GRAP के तीसरे चरण के तहत सख्त पाबंदियां
CAQM की ओर से GRAP का तीसरा चरण लागू किए जाने के बाद पहले और दूसरे चरण की पाबंदियां भी जारी रहेंगी। इसके साथ ही प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। संबंधित एजेंसियों को नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह योजना दिल्ली के साथ लगते हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के जिलों में भी लागू होती है।
GRAP चार चरणों वाली आपातकालीन योजना है, जिसे CAQM, CPCB और संबंधित राज्य सरकारों के समन्वय से लागू किया जाता है। हवा की गुणवत्ता बिगड़ने के साथ इसके तहत पाबंदियां और सख्त होती जाती हैं। भारतीय मौसम विभाग की ओर से जारी मौसम और प्रदूषण संबंधी पूर्वानुमानों के आधार पर इसे पहले भी लागू किया जा सकता है।
पहले चरण में AQI 201 से 300 होने पर सड़कों की धूल कम करने, प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करने और खुले में कूड़ा जलाने पर रोक लगाने जैसे कदम उठाए जाते हैं। दूसरे चरण में AQI 301 से 400 होने पर धूल नियंत्रण के उपाय बढ़ाए जाते हैं, पार्किंग शुल्क में बढ़ोतरी की जाती है और कार्यालयों के समय में बदलाव किया जाता है।
तीसरे चरण के तहत दिल्ली और NCR के निर्धारित जिलों में BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल वाली चार पहिया गाड़ियों के चलने पर प्रतिबंध है। इसके अलावा पुराने हल्के और मध्यम मालवाहक वाहनों तथा दिल्ली में पंजीकृत नहीं होने वाले डीजल वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही पर भी सख्ती की गई है।
निर्माण कार्यों पर भी रोक
तीसरे चरण के तहत धूल पैदा करने वाले गैर-जरूरी निर्माण कार्यों को बंद कर दिया गया है। इनमें बड़े स्तर पर खुदाई, मिट्टी हटाने, इमारतों को गिराने और सड़क निर्माण के काम शामिल हैं। जरूरी परियोजनाओं को धूल नियंत्रण से जुड़े सख्त नियमों का पालन करना होगा। पत्थर तोड़ने वाली मशीनों और खनन गतिविधियों पर भी तत्काल रोक या प्रतिबंध लगाए गए हैं।
इन उपायों का उद्देश्य दिवाली के जश्न के दौरान और उसके बाद दिल्ली-NCR में प्रदूषण को और बढ़ने से रोकना है।