साइबर ठगी के आरोपी को बिहार के कटिहार से किया गिरफ्तार, घर से 5 लाख रुपये नकद बरामद

साइबर ठगी के आरोपी को बिहार के कटिहार से किया गिरफ्तार, घर से 5 लाख रुपये नकद बरामद

भोपाल मध्य प्रदेश के देवास जिले की पुलिस ने बिहार के कटिहार जिले से साइबर धोखाधड़ी के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर बैंक अधिकारी बनकर 62 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्मचारी से 6.03 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। कटिहार देवास से लगभग 1,500 किलोमीटर दूर है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने मध्य प्रदेश की ‘ई-जीरो एफआईआर’ (e-Zero FIR) प्रणाली के तहत चलाए गए अभियान के दौरान आरोपी के घर से 5 लाख रुपये नकद बरामद किए। इस प्रणाली का उद्देश्य साइबर अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

पेंशन कार्ड अपडेट करने के नाम पर ठगी

पुलिस के अनुसार, आरोपी और उसके साथियों ने देवास निवासी सेवानिवृत्त कर्मचारी से बैंक अधिकारी बनकर संपर्क किया था। उन्होंने कथित तौर पर पेंशन कार्ड अपडेट करने और टैक्स लाभ दिलाने में मदद करने का भरोसा दिया। इसके बाद पीड़ित को अलग-अलग तरीकों से 6.03 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए मना लिया गया।

शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी का पता लगाने के लिए देवास के पुलिस अधीक्षक (SP) पुनीत गहलोत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।

बैंकिंग लेनदेन और मोबाइल नंबरों की जांच

देवास के एसपी पुनीत गहलोत ने बुधवार को बताया कि पुलिस टीम ने बैंकिंग लेनदेन, मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके बाद टीम बिहार के कटिहार पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के घर की एक अलमारी से 5 लाख रुपये नकद बरामद किए।

जामताड़ा से जुड़े साइबर ठगी नेटवर्क की जांच जारी

पुलिस के मुताबिक, तकनीकी और अन्य साक्ष्यों की आगे की जांच में पता चला कि साइबर ठगी नेटवर्क के मुख्य सदस्य झारखंड के जामताड़ा से जुड़े हुए थे।

कथित गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने, उनके बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन का पता लगाने तथा बाकी रकम बरामद करने के लिए जांच जारी है।

यह गिरफ्तारी जिले में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर’ का हिस्सा है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकना और पीड़ितों को उनकी रकम वापस दिलाने में मदद करना है।